Saturday, July 11, 2020

Drama Workshop Organized by Dr Akelabhai Progressive Foundation Chhap







नाट्य-कार्यशाला का आयोजन

नाट्य-कार्यशाला का आयोजन

संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली के सहयोग से डॉ. अकेलाभाइ प्रोग्रेसिव फाउंडेशन, छाप (गोपालगंज) द्वारा सिसई स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में  हिंदी नाट्य कार्यशाला का आयोजन दिनांक 24 फ़रवरी से 9 मार्च तक फाउंडेशन के कार्यक्रम निदेशक श्री जान मुहम्मद के संयोजन में सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के दौरान रंगमंच का इतिहास, वाचिक परंपरा, नाटक की उपयोगिता, रोजगार के अवसर, अभिनय, संवाद, लेखन, स्मरण शक्ति का प्रयोग, मंच व्यवस्था, रेडियो नाटक आदि विषयों पर श्री जान मुहम्मद, गियासद्दीन अंसारी, विकास सिंह कुशवाहा और नियाजुद्दिन सिद्दिकी ने गहन रूप से विद्यार्थियों को समझाया।

इस कार्यशाला में रिजवान आलम, नवाज शरीफ, अशोक कुमार सिंह, श्रीनिवास सिंह, शाजिया परवीन, नाजिया परवीन, सरगम कुमार सिंह, सुजीत  कुमार, रईस आलम, सचिन कुमार साह, दिलशाद अली, जहानुद्दिन अंसारी, रेहाना खातुन, रजिया खातुन, इशरार अहमद, विकास कुमार, राहुल कुमार प्रसाद, इम्ताफ आलम, नदीम हसन, संजय सिंह और टुनटुन सिंह ने सक्रिय रूप से भाग लेकर अपनी प्रसन्नता जताई। उल्खेनीय है कि फाउंडेशन द्वारा पहली बार संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली के सौजन्य से इस तरह के कार्यशाला का आयोजन स क्षेत्र में किया गया है। युवाओं के साथ-साथ अभिभावकों में भी इस कार्यशाला के प्रति काफी दिलचस्पी देखी गई। कई अभिभावक तो स कार्यक्रम को नहीं समझ पाने के कारण अपने बच्चों के शामिल करने से कतरा रहे थे।

कार्यक्रम निदेशक श्री जान मुहम्मद ने इस संवाददाता को बताया कि फाउंडेशन के सदस्य विगत चार दशकों पूर्व तक नाटक के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। उन्हें कोई मंच नहीं मिलने के कारण वे अपनी कला का प्रदर्शन ग्रामीण स्तर तक ही सीमित रखे थे। उसके बाद गाँवों में नाटकों का प्रचलन धीरे-धीरे बंद होने लगा। पहले दशहरा और छठ के अवसर पर प्रतिवर्ष गाँवों में नाटकों का आयोजन होता रहा है। संप्रति इंटरनेट और अन्य सोशल मीडिया के  आने के बाद नाटकों के आयोजन के साथ-साथ अन्य ग्रामीण खेल-कूद भी बंद होने लगे हैं। फाउंडेशन की स्थापना से उन्हें एक मंच मिला है और वे इस मंच के माध्यम से अपनी कला का विकास राज्य और देश स्तर पर करेंगे। श्री जान मुहम्मद ने फाउंडेशन के  उद्देश्यों की चर्चा करते हुए बताया कि यह फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्र के नए और रुचि वान कलाकारों की प्रतिभा के विकास के लिए कार्य करेगा।

बातचीत के दौरान श्री जान मुहम्मद ने बताया कि इस कार्यशाला के बाद एक नाटक के मंचन के लिए अभ्यास भी एक सप्ताह तक कराया गया और नाटक वापसी का मंचन विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर दिनांक 29 मार्च को होना निश्चित हुआ था पर कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उस नाटक के मंचन को स्थगित कर दिया गया। जैसे ही स्थिति सामान्य हो जाएगी स कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को फिर से बुलाया जाएगा और नाटक वापसी का मंचन फाउंडेशन के परिसर में ही किया जाएगा।

इस कार्यशाला के दौरान शिक्षक गियासद्दीन ने अभिनय और नियाजुद्दिन सिदिकी ने वेशभूषा के महत्व पर प्रकाश डाला जबकि जान मुहम्मद जी नाटक के हर पहलुओं पर विस्तृत रूप से बताया। उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में उभरते कलाकारों की कमी नहीं है। पहली बात तो यह है कि यहाँ के अभिभावक स सब विषयों से अनभिज्ञ हैं। वे अपने बच्चों को रोज़गारोन्मुख शिक्षा देना चाहते हैं। उनका कहना है कि नाटक सीख कर पेट कैसे भरा जा सकता है। लेकिन जब वे भी कुछ दिनों के लिए इस कार्यशाला में शामिल हुए और विषयों को जाना तब उनकी भ्रांति दूर हो गई। इस कार्यशाला का आयोजन शाम के समय विद्यालय की पढ़ाई समाप्त होने के बाद की जाती रही। इससे छात्रों और अभिभावकों को अधिक परेशानी नहीं हुई।

श्री जान मुहम्मद जी बताया कि फाउंडेशन द्वारा समय-समय पर अन्य खेल-कूद और ग्रामीण विकास के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इस फाउंडेशन की स्थापना से इस क्षेत्र के लोगों में विश्वास जगा है कि इस संस्था से उनके बच्चों का मार्गदर्शन होगा। छाप पंचायत की तरफ से एक हैंडपम्प फाउंडेशन के परिसर में पानी की सुविधा के लिए प्रदान किया गया है जिससे इस परिसर में आने वालों को पानी के लिए नहीं सोचना पड़ता है। जान मुहम्मद जी ने इस छाप पंचायत के मुखिया श्री हीरालाल सिंह को फाउंडेशन की ओर से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही श्री राकेश मांझी, रिजवान अली, आरजू अंसारी, विकास कुमार, कलीम हवारी, संजय सिंह विकास सिंह आदि सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस कार्यशाला का समापन राष्ट्र-गीत की प्रस्तुति के साथ हुआ।   

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Sunday, March 29, 2020

डा अकेलाभाइ प्रोग्रेसिव फाउंडेशन के कार्य एवं उद्देश्य


विद्याविनयसंपन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि ।
शुनि चैव श्वपाके च पण्डिताः समदर्शिनः ।।
डा अकेलाभाइ प्रोग्रेसिव फाउंडेशन
(भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 के अंतर्गत पंजीकृत)
कार्य एवं उद्देश्य

a) कला, विज्ञान, साहित्य, वाणिज्य, संगीत, खेल, स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा आदि के क्षेत्र में गुणवत्ता शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करके समाज के कल्याण को बढ़ावा देना और छात्रों को शिक्षा के लिए प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक और महाविद्यालय / विश्वविद्यालय स्तर प्रदान करने के उद्देश्य से स्कूलों और संस्थानों को बनाए रखना।
b) सामुदायिक रेडियो स्थापित करने के लिए, व्यक्तियों, समूहों और समुदायों को अपनी खुद की कहानियों को बताने, अनुभवों को साझा करने और मीडिया से समृद्ध दुनिया में, रचनाकारों और मीडिया का योगदानकर्ता बनने के लिए एक तंत्र प्रदान करने के लिए।
c) आम जनता के उपयोग और सुविधा के लिए पुस्तकालयों और पढ़ने के लिए कमरों की स्थापना और रखरखाव के लिए।
d) अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य से हिंदी भाषा में पुस्तकों, पत्रिकाओं, अनुवाद एवं प्रकाशन।
e) प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोगों के कल्याण के लिए किसी संस्था या ट्रस्ट की स्थापना करना और समय-समय पर जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन और आश्रय प्रदान करना।
f) शिक्षकों के प्रशिक्षण, अन्य व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण जैसे टाइपिंग, शॉर्टहैंड, कंप्यूटर, इंजीनियरिंग, ललित कला, शिल्प, संगीत, मुद्रण, नर्सिंग, मॉडलिंग, नृत्य, योग, शारीरिक शिक्षा आदि के लिए प्रशिक्षण संस्थानों की व्यवस्था, स्थापना और प्रबंधन करना। ।
g) ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए, विशेष रूप से कमजोर और आर्थिक रूप से गरीब वर्गों के लिए चिकित्सा / स्वास्थ्य शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, योग शिविर, चिकित्सा संस्थानों की स्थापना, औषधालय स्थापित करने और एम्बुलेंस और मोर्चरी देने के लिए ।
h) सभी प्रकार की सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए और लोगों को सामाजिक विद्वेष जैसे अंधविश्वास, दहेज, शराब और अन्य प्रकार के नशों के प्रति जागरूक करने के लिए और कार्यशाला और बैठकों के आयोजन के माध्यम से सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए सभी प्रयास करने के लिए।
i) जागरूकता कार्यक्रम, वयस्क शिक्षा वर्ग, व्याख्यान, निबंध प्रतियोगिता, कार्यशालाएं, प्रदर्शनियां, संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेस सम्मेलन और सेमिनार आदि द्वारा गांधीवादी विचारधारा, साक्षरता, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
j) सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, कम्युनिकेशन, IT, रिसर्च ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट प्रोग्राम्स और अवार्ड सर्टिफिकेट जैसे ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स संचालित करना।
k) शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक, शैक्षिक विकास के लिए ट्रस्ट के समान उद्देश्य और उद्देश्य रखने वाले किसी भी संस्था या संघ के साथ सहायता, स्थापना, कार्य करना या सहयोग करना।
l) किसी भी समुदाय या समाज के अनाथों के कल्याण, रखरखाव और विकास के लिए किसी संस्था या ट्रस्ट की स्थापना करना।
m) ट्रस्टों के बोर्ड के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति या संगठन से दान स्वीकार करने या सदस्यता बढ़ाने के लिए। इन निधियों को ट्रस्ट के उद्देश्यों और वस्तुओं की पूर्ति के लिए निवेश किया जाएगा और आगे, ऐसे नियमों और शर्तों पर ट्रस्ट के विस्तार के लिए, जिन्हें उचित और आवश्यक समझा जा सकता है।
n) काम की देखभाल करने के लिए उपयुक्त कर्मचारियों, श्रमिकों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों, वकीलों, प्रबंधकों और एजेंटों को संलग्न करने, नियुक्त करने या नियुक्त करने के लिए, ट्रस्ट के उद्देश्य और वस्तुओं को आगे बढ़ाने के लिए और उनके वेतन, वेतन, स्टाइपेंड या शुल्क का भुगतान करने के लिए आदि।
o) ट्रस्ट के उद्देश्यों और वस्तुओं की आगे की देखभाल के लिए विभिन्न समितियों का गठन करना।
p) वैवाहिक संबंध की सहायता के लिए और यदि आवश्यक हो तो वैवाहिक सेवाओं को प्रदान करने के लिए एक इकाई खोली जा सकती है या विवाह से संबंधित योग्य उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक संस्था को संबद्ध / स्थापित कर सकते हैं।
q) ट्रस्ट के नाम पर लीज / या बिल्ट-अप बिल्डिंग पर भूमि की खरीद / अधिग्रहण करना और ट्रस्ट के उद्देश्यों और वस्तुओं की पूर्ति के लिए निर्माण करना।
r) वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवन भर की उपलब्धियों के लिए, हिंदी भाषा, लिपि और साहित्य, कला और संस्कृति, राष्ट्र की एकता के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित करना।
s) अन्य गतिविधियों को करने के लिए, जो आवश्यक हैं और जो उपरोक्त उद्देश्यों और ट्रस्ट की वस्तुओं की पूर्ति के लिए आकस्मिक या अनुकूल हो सकती हैं, किसी अन्य वस्तु या वस्तुओं की उन्नति के लिए जो कानूनी रूप से धर्मार्थ और सामान्य सार्वजनिक उपयोगिता की हैं और जिन्हें सीमित नहीं किया जाना चाहिए या किसी विशेष धर्म, समुदाय, जाति या पंथ तक सीमित है। ****

निवेदन-
इन कार्यों को पूरा करने के लिए आपके सहयोग और समर्थन की नितांत आवश्यकता है। आप सभी मित्रों, शुभचिंतकों, साहित्य प्रेमियों, समाज-सेवियों से विनम्र निवेदन है कि इस ट्रस्ट को अपना सहयोग प्रदान कर हमें आभार प्रकट करने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता प्रदान करने के लिए संपर्क करें।
--जान मुहम्मद, गोपालगंज
+91-9774286215